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राखी के पर्व को बेहद ही शुभ माना जाता है। हालांकि ऐसी कई बहनें होती हैं। जिन्हें इस पर्व को कैसे मनाया जाए और किस तरह से भाई को राखी बांधी जाए। इस बारे में जानकारी नहीं होती है। गलत तरीके से राखी बांधने से शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। इसलिए आप राखी के दिन नीचे बताई गई बातों का ध्यान दें और राखी खरीदते समय कोई गलतियां ना करें।
आज हम आपको बताएंगे रक्षाबंधन के दिन किस तरह की राखी नहीं बांधनी चाहिए और किस तरह की नहीं बांधनी चाहिए।

इस तरह की राखी होती है अशुभ 

  • भाई को कभी खंडित राखी अपने नहीं बांधनी चाहिए। यह अशुभ होती है।-
  • प्लास्टिक की भी राखी नहीं बांधनी चाहिए क्योंकि ये धातु केतु ग्रह से नाता रखती है और अशुभ मानी जाती हैं।-
  • राखी एकदम साफ-सुथरी होनी चाहिए।
  • राखी कलरफुल होनी चाहिए। काले, नीले और इत्यादि रंगों की राखी ना खरीदें।
  • राखी पर कोई धारधार चीज या हथियार की डिजाइन न बनी हुई हो।

इस तरह की राखी होती है शुभ

  • लाल, पीले और गुलाबी रंग की राखी को शुभ मानी जाती है, इसलिए आप इन रंगों की राखी ही खरीदें-
  • वहीं राखी खरीदें जिसमें रेशम का धागा हो, अन्य धागों से बनी राखी को खरीदने से बचें।
  • राखी के तौर पर कलावा या सूती धागे के भी प्रयोग किया जाता है।वह राखी भी शुभ मानी जाती है।

किस दिशा में बैठ कर बांधें राखी

राखी को केवल शुभ मुहूर्त में ही बांधनी चाहिए। राखी बांधते भाई का मुंह पूर्व दिशा में होना चाहिए। जबकि बहन का मुंह पश्चिम दिशा में होना शुभ माना गया है। राखी को बांधने से पहले इसे मंदिर में कुछ देर के लिए जरूर रखें और उसके बाद ही इसे बांधे, यह बेहद शुभकारी होता है। भाई को तिलक और राखी बांधते समय बहन नीचे बताए गए मंत्र का जाप करना चाहिए।

राखी का मंत्र 
‘येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः’।

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