भारत के 3 बेहद अजब गांव, जिनके बारे में जानकारी आपको हैरान कर देने वाली है :- 

आज हम आपको भारत के 3 बेहद अनोखे गांव के बारे में बताने वाले हैं, जिनके बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा। इस अनोखे गांव के तथ्य आपको बड़े रोचक लगेंगे।

1. मावल्यान्नॉंग गांव

मेघालय के शिलॉन्‍ग से 78 किमी दूर स्थित इस गांव को एशिया के सबसे साफ-सुथरे गांव का ताज भी मिल चुका है। इस गांव के आस पास के इलाके में प्लास्टिक बैग और स्मोकिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस गांव मे घर से लेकर लगभग सभी चीज़ें बांस की लकड़ी के द्वारा बनाई गई हैं, सिर्फ 95 परिवारों वाले इस गांव में ज्यादातर लोग अंग्रेजी में बात करते हैं। यहां की साक्षरता दर 100 प्रतिशत है, वाटरफॉल, लिविंग रूट ब्रिज (पेड़ों की जड़ों से बने ब्रिज) और बैलेंसिंग रॉक्स से भरपूर इस गांव को ‘गॉड्स ओन गार्डन’ के नाम से भी जाना जाता है।

जल्दी करें हजारों रूपए कमाने का मौका बार – बार नहीं मिलता शुरू हो जाएँ  इनस्टॉल करे Vedmate Earn और 5,000 से 10,000 रूपए कमायें अपने स्मार्टफोन से इनस्टॉल करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें Download 

2. जौनपुर

आमतौर पर लोगों में ये धारणा है कि देश को सबसे ज्यादा आईएएस और आईपीएस ऑफिसर बिहार और उत्तर प्रदेश राज्यों ने दिए हैं। इन राज्यों के छात्र काफी मेहनती और होनहार कहे जाते हैं। आज हम उत्तर प्रदेश के ऐसे ही एक गांव के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसके बारे में जानकर आपको बेहद हैरानी होगी साथ ही गर्व भी होगा। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का एक छोटा सा गांव है माधोपट्टी।इस गांव की खासियत ये है कि इस गांव में मात्र 75 घर हैं और इस गांव ने देश को अब तक 47 आईएएस आईपीएस ऑफिसर दिए हैं।

ये सभी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में कार्यरत हैं। ये गांव मीडिया के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुका है। कई सालों से न्यूज चैनल और अखबार वाले इस गांव में आते-जाते रहते हैं। इतनी बड़ी खासियत होने के बावजूद भी ये गांव आज भी सरकार की नजरों से परे है। अभी तक इस गांव की तरफ किसी की नजरें नहीं गई हैं।

3. धर्मज

गांव का जिक्र करते ही धूल भरे रास्ते, बैल या घोड़ा गाड़ी, कच्चे-पक्के मकान और दूर तक नजर आते खेतों की तस्वीर ही दिमाग में आती है, लेकिन कोई गांव ऐसा भी हो जहां कच्चे की जगह पक्के और साफ सुथरे रास्ते, उन पर दौड़ती मर्सिडीज या बीएमडब्लू जैसी महंगी गाड़ियां और गांव के चौक-चौराहों पर मैक्डॉनल्ड जैसे रेस्टॉरेंट भी नजर आएं तो क्या कहेंगे। जी हां, गुजरात के आणंद जिले का धर्मज गांव ऐसा ही है, जहां यह संपन्नता आपको तमाम जगह बिखरी नजर आएगी। गांव के लोग शहरी और ग्रामीण दोनों परिवेश की जिंदगी जीते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here