7

कहते हैं न भगवान जब देता है छप्पर फाड़ के देता है. कुछ ऐसा ही हुआ राजस्थान के सीकर जिले की रहने वाली संजू देवी के साथ, वह रातोरात 100 करोड़ मालकिन हो गई. खेती बाड़ी करके अपने परिवार की देखभाल करने वाली संजू देवी को भी इस बात का पता नहीं था.

आपको बता दें आयकर विभाग के कुछ अधिकारी जयपुर-दिल्ली हाईवे पर स्थित जमीनों का जायजा ले रहे थे. जहां उन्हें एक ऐसी जमीन के बारे में पता चला जो संजू देवी नाम की एक औरत की बताई जा रही है. ये जमीन 64 बीघा में फैली हुई थी, जिसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है. संजू देवी को जब इस बारे पता चला तो चौंक गईं.

12 साल पहले पति ने एक दस्तावेज पर लगवाया था अंगूठा

जब आयकर विभाग के अधिकारीयों ने संजू देवी नाम की इस औरत से उस जमीन के बारे में पूछा तो उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इस बारे में कुछ भी नहीं जानती हैं. अपने बयान में संजू देवी ने कहा कि करीब 12 साल पहले उनके पति की एक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी. पति की मौत से कुछ महीनों पहले वह उन्हें सन 2006 में आमेर लेकर गए थे. वहां पर कुछ बड़े लोग बैठे हुए थे और उनके हाथों में कुछ दस्तावेज भी थे. उनके पति ने वो दस्तावेज लेकर संजू से उस पर अंगूठा लगाने को कह दिया. अपने पति की बात मानकर उन्होंने बिना कुछ पूछे उस दस्तावेजों पर अंगूठा लगा दिया.

खेतीबाड़ी और मजदूरी करके संजू देवी चलाती हैं घर

जब आयकर विभाग के अधिकारियों ने संजू देवी से उनके काम के बारे में पूछा तो उन्होंने इस पर कहा कि वह दिनभर खेतीबाड़ी और मजदूरी करती हैं, जिससे कुछ रुपये आ जाते हैं. उससे वह अपने परिवार का गुजारा करती हैं. उनके दो बच्चे स्कूल चले जाते हैं और घर आकर घर के कुछ कामों में मदद कर लेते हैं।

आयकर विभाग ने जब्त की संजू देवी की जमीन

वहीं जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग के अधिकारीयों ने बताया कि बड़े शहरों के कुछ बिजनेसमैन आदिवसियों की जमीन खरीदने के लिए आदिवासियों को कुछ लालच देकर जमीन खरीद लेते हैं. ऐसे में आदिवासियों की जमीन सिर्फ आदिवासी ही खरीद सकते हैं.  संजू का परिवार आदिवासी परिवार है, इसीलिए बिजनेसमैन की बातों में आकर संजू के पति ने 100 करोड़ की इस जमीन को खरीदने के लिए दस्तावेजों पर अंगूठा लगवा दिया होगा. हालांकि पूरे मामले के तह तक जाने के बाद आयकर विभाग ने सारी जमीन अपने कब्जे में ले ली.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here