अगर मूली खाने से अभी तक आप बच रहे थे तो इसके फायदे जान लीजिए. मूली पाइल्स, ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज से लेकर, कफ और किडनी के लिए बहुत फायदेमंद है.

– पाइल्स के मरीजों को कच्ची मूली का ही सेवन करना चाहिए. आप चाहें तो इसे घिसकर खा सकते हैं. या फिर इसका रस निकालकर भी पी सकते हैं. मूली के रस का सेवन करने से पहले एकबार डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें. आप चाहें तो इसके रस का इस्तेमाल संक्रमित जगह की जलन को शांत करने के लिए भी कर सकते हैं. 

– सर्दियों में रोजाना मूली खाने से सर्दी जुकाम होने की संभावना कम होती है. मूली खाने से शरीर में और भी कई फायदे होते हैं.

– मूली में एंटी बैक्टेरियल गुण पाए जाते हैं जो कई बीमारियों के होने संभावना कम कर देते हैं. मूली खाने से सर्दी-जुकाम जैसे रोग नहीं होते है, लेकिन मूली सुबह और दिन में खानी चाहिए. तभी इसका फायदा ज्यादा होगा.

– इसके अलावा मूली में एंटी आक्सीडेंट भी होते हैं जो की शरीर को एक्टिव रखते हैं और थकान को मिटाते हैं.

– मूली खाने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है. इसमें भरपूर मात्रा में पोटैशियम होता है. मूली में एक खास तरह का एंटी हाइपरटेंसिव तत्व भी पाया जाता है जो हाई ब्लड प्रेश को कंट्रोल करने में मददगार साबित होता है.

– अगर आंखों की रोशनी कमजोर है तो आंवला, संतरा, पालक के साथ ही आपको मूली का सेवन करना चाहिए. यह विटामिन ए, बी और सी से भरपूर होता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं. अगर रोजाना एक मूली का सेवन किया जाए तो इससे आंखों को गजब का फायदा हो सकता है. 

 खाना खाने के बाद अगर आप भी कब्जियत और गैसे परेशान होते हैं तो आपको मूली का सेवन करना चाहिए. इसमें मौजूद फाइबर कब्ज के रोगियों के लिए किसी औषधि से कम नहीं है. साथ ही मूली को आहार में शामिल करने से आंतें स्वस्थ रहती हैं और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. 
– मौसमी सर्दी, जुकाम और खांसी को भी मूली से काफी हद तक ठीक किया जा सकता है. इसमें एंटी-कांजेस्टिव गुण होते हैं जो कफ खत्म करने में मददगार होते हैं. वहीं जो लोग सर्दी-खांसी से परेशान रहते हैं उन्हें नियमित रूप से मूली का सेवन करना चाहिए. 

 जिस तरह से यह पाचन के लिए बढ़िया स्रोत है उसी तरह से यह एक तरह का प्राकृतिक क्लिंजर का भी काम करता है. इसमें डाइयूरेटिक गुण होता है जो शरीर के विषैले तत्तों को बाहर निकालने में मददगार होता है. इससे किडनी बढ़िया तरह से काम करती हैं. 

– डाइबेटिक पेशंट को मूली को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए. इसमें मौजूद फाइबर इंसुलिन को कंट्रोल करने का काम करता है. इससे शरीर में शुगर लेवल कंट्रोल रहता है. 


– मूली में diurectic गुण पाया जाता है जो किडनी के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है और शरीर से विषैले तत्वों को निकालने में भी कारगर होता है. इस वजह से इसे नेचुरल क्लींजर कहा जाता है.

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