मैं एक 40 वर्षीय महिला हूँ जो पिछले 16 वर्षों से विवाहित है और पिछले 5 वर्षों से एक प्रेम संबंध में है (एक विवाहित पुरूष के साथ जो मुझसे कम उम्र का है)। मैं केवल 30 वर्ष की दिखती हूँ फिर भी मेरे पति को मुझमें कोई रूचि नहीं है, और ना कभी थी। हमारा यौन जीवन कभी भी संतोषप्रद नहीं था। पिछले 2 वर्षों से उन्हें स्तंभन दोष (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) भी हो गया है और वो इसका इलाज करवाने की भी परवाह नहीं करते।

जिस पुरूष से मैं प्यार करती हूँ वह बहुत आकर्षक व्यक्ति है और मैं उसके साथ खुद को बंधनमुक्त कर देती हूँ। हम लगभग महीने में एक बार मिलते हैं। वह मेरा विवाह और मानसिक स्वास्थ्य बचाने में मेरी मदद करता है। मेरे पति एक श्रेष्ठ पिता और पारिवारिक व्यक्ति हैं। वह मेरी बहुत देखभाल करते हैं लेकिन जब बात सेक्स की आती है तो वो मुझे अनदेखा करते हैं। जब मैं उन्हें मेरी परवाह करता देखती हूँ तो अपराध बोध महसूस करती हूँ लेकिन जब सेक्स के लिए बैचेन होती हूँ तब अपने प्रेम संबंध को सही ठहराती हूँ। मैं अपने दोनों पुरूषों से प्यार करती हूँ। क्या ऐसा कोई उपाय है जिससे मैं अपनी प्राकृतिक सेक्स इच्छा को दबा सकती हूँ?

एक्सपर्ट का जवाब-

आपको एकांत में बैठ कर अपनी प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। आप आपके पति से बात करने की भी कोशिश कर सकती हैं यह जानने के लिए कि क्या कोई कारण है जिसकी वजह से वे सेक्स गतिविधियों में रूचि में कमी के लिए कुछ करना नहीं चाहते। उन्हें नरमी से समझाने की कोशिश करें कि आपकी शारीरिक आवश्यकताओं को पूरा करना भी उनकी जिम्मेदारियों में से एक है। उन्हें समझाएं कि आप उन्हें प्यार करती हैं और उनके फैसलों का सम्मान करती हैं और उन्हें जिस भी इलाज से गुज़रना होगा उसमें आप उनके साथ रहने के लिए तत्पर होंगी।

इसी दौरान, आप हमेशा हस्तमैथुन का सहारा ले सकती हैं। एक विवाहेतर संबंध के साथ कई समस्याएं भी आती हैं और यह सलाह देने योग्य बिल्कुल नहीं है। इस रिश्ते के फायदे नुकसान के अनुपात को ज़रूर तौलें। अंत में, यह निर्णय आपका होगा लेकिन इससे कई जीवनों के प्रभावित होने की संभावना है।

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