मेष राशिचक्र की पहली राशि है | इस राशि का स्वामी मंगल ग्रह होता है | मंगल साहस, ऊर्जा, पराक्रम, तेज और क्रोध का प्रतीक है | यही वजह है कि इस राशि के जातको के स्वभाव में ये भाव पाए जाते है | आज हम आपको मेष राशि के जातको के बारे में स्वभाव व गुण-दोष के बारे महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे है |

स्वभाव व शारीरिक संरचना
इस राशि के जातको की शारीरिक बनावट की बात करे तो ये बड़े ही आकर्षक काया के व्यक्ति होते है, ये सूंदर होते है | ये अपने विचारो को लेकर स्वतंत्र भाव को अपनाते है | अपने विचारो से ये लोगो को आसानी से प्रभावित कर लेते है | वैसे इनका बातूनी स्वभाव विपरीत परिस्थितियों से निकलने में इनकी खूब मदद करता है |
आशावादी
 
ये लोग बड़े ही आशावादी होते है | यही वजह है कि ये जिस भी क्षेत्र में अपना करियर बनाते है, उसमे तरक्की पाते है | हर चीज के प्रति सकारात्मक रवैया इनको कुशल नेतृत्वकर्ता बनता है | समाज में इनकी पहचान एक विश्वसनीय व्यक्ति के रूप में बनती है | ये अपने फैसलों को लेकर अडिग होते है |
नकारात्मक पक्ष
 
इस राशि के जातको में भले ही कई खूबियां होती है, लेकिन कई कमियां भी होती है | जिस वजह से इन्हे कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है | क्रोध और आक्रामकता के चलते छोटी छोटी चीजों पर ये अपना धैर्य खो देते है और ऐसा व्यक्ति संवेदनहीन हो जाता है | ये कहा आज सकता है की क्रोध ही इनका सबसे बड़ा शत्रु होता है |
स्वास्थ्य
 
इनके स्वास्थ्य की बात करे तो इनका जीवन उतार चढाव से भरा रहता है | इन्हे अक्सर शारीरिक दर्द की शिकायत होती है | इसके अलावा इन्हे स्नायु अपच से जुड़े विकारो का सामना करना पड़ता है | इन्हे हाई ब्लड प्रेसर की भी समस्या होती है |

 

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