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ऑस्ट्रेलिया वैज्ञानिकों ने अपने शोध में दावा करते हुए कहा है कि 20 डिग्री सेल्सियस तापमान पर कोरोना वायरस सबसे अधिक खतरनाक होता है। कोरोना चिकने और सपाट सतह जैसे मोबाइल फोन की स्क्रीन, ग्लास, स्टील और प्लास्टिक नोटों आदि पर 28 दिन तक जीवित रह सकता है। वही, इस रिसर्च में यह भी बताया गया है कि कोरोना का संक्रमण 30 डिग्री तापमान पर जीवित रहने की दर घटकर 7 दिन पर आ गई है और 40 डिग्री तापमान पर यह दर सिर्फ 24 घंटे रह गई है। इतना ही नहीं, इस शोध में यह भी यह भी दावा किया गया है कि कोरोना वायरस खुरदरी सतह पर सिर्फ 14 दिन तक जीवित रह सकता है।

लेकिन अगर इस सतह पर कोरोना को ज्यादा तापमान मिलता है तो उसके जीवित रहने की दर घटकर 16 घंटे से भी कम हो जाती है। इसके साथ ही यहां भी बता दें कि वायरोलॉजी जर्नल में छपी एक रिसर्च में यह भी दावा किया जा चुका है कि कोरोना वायरस गैर खुरदरी सतह पर 4 दिन तक ही एक्टिव रह सकता है। गौरतलब है कि भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण से अभी तक 71 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना के 66,732 नए मामले सामने आए और 816 मरीजों की मौत हुई है।

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