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यूपी के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने जारी आदेश में कहा है कि कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति की समीक्षा और संचारी रोगों (इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू और कालाजार) के संक्रमण को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। आदेश के अनुसार, इस दौरान प्रदेश में समस्त कार्यालय, शहरी व ग्रामीण हाट, बाजार, गल्ला मंडी, और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।

वहीं जरूरी सेवाओं में कार्यरत व्यक्तिओं, कोरोना वॉरियर, स्वच्छताकर्मी व डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े लोगों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। रेलवे का आवागमन भी पूर्व की तरह से ही जारी रहेगा। वहीं रेल से आने-जाने वाले व्यक्तियों के लिए बस की व्यवस्था राज्य सरकार देगी।रेल यात्रियों के लिए बस के परिचालन को छोड़कर यूपी रोडवेज की सेवाएं बंद रहेंगी। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू विमान सेवा पर प्रतिबन्ध में छूट दी गई है। वहीं हवाई अड्डा से आने-जाने वालों पर भी रोक नहीं होगी। इसके साथ ही मालवाहक वाहनों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। ढाबे और पेट्रोल पंप खुले रहेंगे।

आदेश में बताया गया है कि 10, 11 और 12 जुलाई को सफाई और स्वच्छता के लिए वृहद अभियान चलाया जाएगा। इसमें शामिल सभी अधिकारी और कर्मचारी लॉकडाउन के रोक से मुक्त रहेंगे। साथ ही इस काम से जुड़े कार्यालय भी खुले रहेंगे। संचारी रोग के सर्विलांस का काम भी जारी रहेगा। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित औद्योगिक कारखाने भी खुले रहेंगे। शहरी क्षेत्र में निरंतर चालू रहने वाले औद्योगिक कारखानों को छोड़कर सभी पर प्रबंध रहेगा। जहां पर इस दौरान काम काज जारी रहेगा, वहां सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।

यूपी सरकार ने दोबारा लॉकडाउन करने का निर्णय तब लिया है जब राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। गुरुवार को राज्य में रिकॉर्ड 1248 नए मामले दर्ज हुए हैं। साथ ही संक्रमितों की संख्या 32 हजार 362 हो गई है। हालांकि यूपी में कोरोना वायरस मरीजों की रिकवरी रेट अन्य राज्यों के मुकाबले ठीक है। राज्य में फिलहाल कोरोना वायरस के 10 हजार से ज्यादा सक्रिय मामले हैं और कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 862 है।

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