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योगी आदित्यनाथ का कहना है की अगर किसी गरीब की झोपडी ऐसे स्थान पर है जो विकास कार्य के लिए रिजर्व न हो और न ही वह किसी की प्राइवेट प्रॉपर्टी हो और न ही वह विवादित जमीन हो तो उस स्थान पर बनी झोपडी में रहने वाले व्यक्ति को वह जमीन आवंटित कर दी जाये.

उन्होंने कहा की इसके इलावा हम कुछ जिलों में आवास क्लस्टर बना रहें है. इसकी क्रम में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत 21562 आवासों के मालिकों को पहली किश्त के रूप में 87 करोड़ रुपए भी पहुंचा दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अफसरों को साफ़ निदेश देते हुए कहा है की, “प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के हर लाभार्थी को शासन की सभी योजनाओं (शौचालय, रसोईगैस, बिजली, आयुष्मान भारत, जीवन ज्योति और जीवन सुरक्षा आदि) से संतृप्त करने के लिए अभियान चलाएँ.”

उन्होंने कहा की झोपडी में रहने वाले इंसान के लिए स्वरोजगार के किसी कार्यक्रम (बकरी एवं मुर्गी पालन, डेयरी आदि) से जोड़ कर उसे प्रशिक्षण दें और साथ ही उसे बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर यह सुनिश्चित करें की उसे सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा हैं.

योगी आदित्यनाथ जी ने यह भी कहा की सरकारी अफसरों को यह सुनिश्चित करना होगा की पैसे का उपयोग केवल घर बनाने के लिए हो रहा हैं. साथ ही यह भी सुनिश्चित करें की ईंट, बालू, मिट्टी, छड़ आदि वाजिब दाम पर और आसानी से उस गरीब को मिल सके. उन्होंने कहा की एक अभियान चलकर झोपडी में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं के साथ जोड़े और यह सुनिश्चित करें की उनके बच्चे सरकारी स्कूल में जाते हों. इसके लिए सरकार की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी के चलते उन्हें अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए अन्य खर्च नहीं आएगा.

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