रामायण एक बहुत ही सफ़ल भारतीय टीवी श्रृंखला है, जिसका निर्माण, लेखन और निर्देशन रामानन्द सागर के द्वारा किया गया था रामायण में बताया गया है कि कैसे भगवान श्री राम के सबसे बड़े भक्त हनुमान में लंका को जलाया था कहा जाता है जब हनुमान लंका पहुंचा था तब रावण ने अहंकार हनुमान की पूंछ में आग लगा दी थी जिसके चलते हनुमान ने पूरी लंका को आग लगा दी थी लेकिन दोस्तों क्या आप लोगों ने कभी सोचा है कि रावण का लंका जला लेकिन उस सोने का क्या हुआ जो लंका निर्माण में उपयोग किया गया था जबकि सोना तो जलता नहीं है।

ये बात सत्य है कि सोना जलता नहीं है । कुछ तथ्य आप के सामने रख रहे है। ये सभी जानते है कि श्री हनुमान जी ने लंका को जलाया था । इस बात को विज्ञान के हिसाब से वेद विज्ञान मंडल, पुणे के डॉक्टर वर्तक ने वालमिकी रामायण में वर्णित ग्रहों नक्षत्रों की स्थिति और उन्ही ग्रहों नक्षत्रों की वर्तमान स्थति पर गहन शोध कर रामायण काल को लगभग 7323 ईसा पूर्व अर्थात आज से लगभग 9336 वर्ष पूर्व का बताया था और कार्बन रीडिंग के हिसाब से भी लंका या फिर राम सेतु आज से 7000 ईसा पूर्व ही बनाया गया था।

सोने की लंका सिर्फ सोने से नहीं बनी थी । उस में और भी कई धातु को मिला कर बनाया गया था । आप को ये भी समझा चाहिए कि जब लंका को जलाया गया तो सोने के साथ और भी अन्य समान भी जैसे कि लोहे का सामान, कपड़े और बहुत सी धातु भी साथ में जल गई थी। ये सब जानते है कि सोना तब तक काम आता है जब तक वो शुद्ध हो।

जैसे कि पहले भी बताया गया है ये घटना को हुए बहुत समय हो चुका है । पता नहीं कितने ही हमले और गुलामी में सब नष्ट होना और उस बात के होने का सबूत होना भी बहुत मुश्किल से आप को मिलेगा पर हमे उन लोगो का धन्यवाद देना चाहिए जिन्होने इतना कुछ हो जाने के बाद भी कुछ ना कुछ सम्भाल कर रखा।

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