कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के समय लोगों को और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र की इकाइयों को नकद सहयोग न देकर अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर रही है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा सरकार का यह रुख ‘नोटबंदी 2.0’ है। राहुल गांधी ने एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया और कहा कि सरकार लोगों और एमएसएमई को नकद सहयोग देने से इनकार करके हमारी अर्थव्यवस्था को सक्रियता के साथ नष्ट कर रही है। यह नोबंदी 2.0 है।

आपको बता दें कि पीछले कई दिनों से राहुल गांधी और कांग्रेस मोदी सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि गरीबों, मजदूरों और एमएसएमई की वित्तीय मदद की जाए। उनका कहना है कि लोगों को खातों में अगले छह महीनों के लिए 7500 रुपये महीने भेजे जाएं और तत्काल 10 हजार रुपये दिए जाएं। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कोरोना वायरस से बचने के लिए लगाए गए लॉकडाउन को लेकर निशाना साधा।

कांग्रेस नेता ने अपने ट्वीट में 6 देशों के ग्राफ के जरिए यह दर्शाया कि भारत में कोरनावायरस महामारी को लेकर 25 मार्च को लागू किया गया लॉकडाउन पूरी तरह फेल था. केंद्र सरकार ने मार्च के अंत में, दुनिया के सबसे बड़े लॉकडाउन को लागू कर दिया, आने वाली 8 मई से इसमें कई प्रकार की छुट मिलने से पहले इसे कई बार बढ़ाया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों ने हाल के दिनों में कोविड-19 मामलों और मौतों में अचानक वृद्धि देखी गई है।

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