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वास्तु शास्त्र। हिन्दू धर्म में कोई भी शुभ काम गणेश भगवान की पूजा से ही शुरू होता है। ज्ञान और बुद्धि के देवता गणपति हैं। जो अपने भक्त की सभी परेशानियों का समाधान करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में गणेश जी को केतु का देवता माना गया है। घर का कैसा भी वास्तुदोष हो गणपति की मूर्ति स्थापित करने के बाद वो दूर हो जाता है। आइये जानते हैं कि घर में किस तरह कौन सी गणेश जी की मूर्ति स्थापित करने से आपको शुभ फल प्रदान होंगे।

साहस और शक्ति का प्रतीक है मूषक पर खड़े गणपति जी की मूर्ति। ऐसी प्रतिमा की रोजाना पूजा करने से व्यक्ति किसी भी तरह की परेशानी से लड़ सकता है। जैसे एक चूहा बड़े से बड़ा भार उठा सकता है, ठीक वैसे ही व्यक्ति भी हर मुसीबत से लड़कर उसे चित कर सकता है। अगर आप खेली से सम्बंधित काम करते हैं तो आपको मूषक पर खड़े गणपति जी पूजा करनी चाहिए। इससे चूहे आपकी फसल को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे।

अगर आपके जीवन में सुख और चैन नहीं है तो आपको करवट में लेटे हुए गणेश जी की मूर्ति घर में स्थापित करनी चाहिए। परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।

गणेश जी की मूर्ति लेते समय उनकी सूंड़ को जरूर देखें कि वो किस दिशा में है। दांयी ओर घूमी हुई सूंड़ वाली मूर्ति शुभ मानी जाती है। नियमित रूप से रोजाना मूर्ति की पूजा करें, लाभ होगा और घर में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहेगी। एक बात का खास ख्याल रखें कि इस तरह की मूर्ति को घर में स्थापित न करें। ऐसी मूर्ति सिर्फ मंदिर में स्थापित की जाती है। घर में अगर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करनी है तो आपको बांयी तरफ सूंड किए बैठे गणपति जी की स्थापित करनी चाहिए।

अगर आप किसी कला से जुड़े हैं तो आपको घर में नृत्य मुद्रा वाली गणपति की मूर्ति स्थापित करके रोजाना पूजा करनी चाहिए। इससे आप पर गणेश भगवान की विशेष कृपा होगी।

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