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देश में बढ़ते कोरोना के मामलों ने सरकार और आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र में हालात बेहद खराब हो चुके हैं क्योंकि राज्य में संक्रमण की रफ्तार बेकाबू हो चुकी है और राज्य सरकार द्वारा की गई सख्ती और लिए गए कदम बेअसर साबित हुएं हैं। ऐसे में अब सीएम उद्धव ठाकरे पूर्ण और सख्त लॉकडाउन लगाने का फैसला जल्द ले सकते हैं। वहीं सरकार में शामिल अन्य दल के नेता पूर्ण लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है, जिसके बाद सीएम की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं।

महाराष्ट्र में ही पिछले 7 दिनों में संक्रमण के एक लाख से ज्यादा मामले सामने सामने आये हैं, जिसके बाद कई जिलों में लॉक डाउन लगा दिया गया है। राज्य के जिलों में जिस रफ़्तार से संक्रमण बढ़ रहा है। उस रफ्तार से तो अन्य राज्यों में भी कोरोना के मामले नहीं आ रहे हैं। बिगड़ते हुए हालातों को देखते हुए सीएम ने राज्य के अधिकारियों को पूण लॉकडाउन को लेकर तैयारियां करने के निर्देश दे दिए हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में सीएम काफी नाराज नजर आए हैं। उद्धव ठाकरे का कहना है कि राज्य में लोग कोरोना को लेकर जो दिशा निर्देश हैं उनका पालन नहीं किया जा रहा है। कोरोना के मामलों को देखते हुए पूर्ण राज्य में नाइट कर्फ्यू लगा है, जिससे सड़कों पर भीड़ न हो और लोग घर में ही रहे लेकिन उसके बाद भी कोरोना की रफ्तार कम नहीं हुई हैं।

अब राज्य में प्रशासन न सीएम के आदेश के बाद लॉकडाउन तैयारी शुरू कर दी है लेकिन सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक का कहना है कि लॉकडाउन को टाला जा सकता है। अगर नियमों का पालन किया जाये तो। उन्होंने कहा है कि एक और लॉकडाउन हम नहीं झेल सकते हैं। यही वजह है कि सीएम को अन्य ऑप्शन पर विचार करना चाहिए। वहीं बीजेपी भी राज्य में पूर्ण लॉकडाउन का विरोध करना चाहिए।

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