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कोरोना संक्रमण के इस वक़्त सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आ रहे हैं। जहां अब तक 4 लाख 22 से ज्यादा मामले दर्ज किये जा चुके हैं और करीब 15 हज़ार मौतें हो चुकी हैं। इस बीच महाराष्ट्र के पुणे की मेयर ने जो आरोप लगाए हैं तो चौकाने वाले हैं। महापौर मुरलीधर मोहोल का कहना है कि शहर में संदिग्ध रूप कोरोना वायरस से हुई करीब 400 मौतों का कोई हिसाब किताब ही नहीं है। संक्रमण स्थिति का जायजा लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ बैठक में मेयर ने मुद्दा उठाया।

बीते शुक्रवार को महापौर मुरलीधर मोहोल कहा कि शहर के निजी और ससून जनरल अस्पताल में हर माह करीब 400 से 500 संदिग्घ कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो रही हैं। जिसका कोई भी हिसाब किताब नहीं रखा जा रहा है। ससून सरकारी अस्पताल में रोजना ही कम से कम 12 संदिग्ध कोरोना मरीजों की मौत हो रही है। ऐसी ही ठीक आंकड़ें निजी अस्पतालों में भी सामने आ रहे हैं। मेयर का कहना है कि शहर में लगातार हो रहीं इन मौतों की लिखा पड़ी कहीं भी नहीं हो रही हैं।

ऐसे मरीज जब हॉस्पिटल में लाये जाते हैं तो उनकी मौत हो चुकी होती है या फिर हॉस्पिटल में ही मौत हो जाती है। मृत व्यक्ति की कोई भी जाँच नहीं की जाती है लेकिन जब डॉक्टर उनका एक्सरे चेक करते हैं तो उनमे कोरोना के लक्षण नजर आ रहे हैं। सीएम के सामने मदद उठाकर मेयर ऐसी मौतों को रोकना चाहते हैं जिसे संक्रमित मरीजों के बारे में जल्द जानकरी हो सके और उनका वक़्त पर सही इलाज हो जाये। वहीं इस मामले में डीएम नवल किशोर राम का कहना है कि इस संबंध में जांच की जाएगी।

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