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आषाढ़ माह के बाद सावन का महीना आता है। सावन का महीना भगवान शिव (Lord Shiva) का प्रिय माह माना गया है। यह महीना आयोजनों, अनुष्ठानों और भजन पूजन के लिए बहुत अच्छा समय माना गया है। इस पूरे माह भगवान शिव की पूजा अर्जना की जाती है। सावन महीने में पड़ने वाले सभी सोमवार का बहुत महत्व होता है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा की जाती है।

इस साल सावन का महीना 25 जुलाई 2021 से शुरू होगा और 22 अगस्त 2021 को समाप्त होगा। इसे श्रावण माह के नाम से भी जाना जाता है। लोग अलग तरीके से शिव भगवान की पूजा अर्चना करते है। कोई सावन के सोमवार (Sawan Somvar) का व्रत रखता है तो कोई 16 सोमवार का। इस महीने में ज्यादातर महिलाएं और कुंवारी लड़कियां भगवान शिव की पूजा करती हैं। सावन माह में हरी चूड़ियों का बहुत महत्व होता है। इस माह में हरी चूड़ियों की बिक्री दो गुना हो जाती है, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है। हम क्यों हरी चूड़िया पहनते हैं।

सावन में हरी चूड़ियों का महत्व

ऐसा कहा गया है कि इस माह में सबसे ज्यादा कुंवारी लड़किया भगवान शिव की पूजा करती है। ऐसा करने से उन्हें मनचाहा पति मिलता है। इस महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करना बहुत ही सरल होता है। वहीं सावन के महीने में महिलाएं हरी चूड़ियां तो पहनती हैं लेकिन क्या आपको इसके पीछे छुपे महत्त्व के बारे में पता है। आइए आपको बताते हैं कि क्यों महिलाएं सावन के महीने में हरी चूड़ियां पहनती हैं।

सावन महीने में महिलाओं के लिए ढ़ेर सारे त्यौहार आते हैं, जिसमें कजरी, तीज, हरियाली तीज शामिल हैं। इन त्योहारों में शुरुआत से ही हरे रंग के कपड़े व हरी चूड़ियां पहनने का रिवाज है। इसके अलावा यह भी देखा गया है की सावन का महीना प्रकृति के सौंदर्य का महीना होता है। हरा रंग प्रकृति को दर्शाता हैं। यहीं नहीं इस माह में सुहागिनी और कुंवारी लड़किया मेंहदी भी लगाती है।

सावन का महीना ऐसा होता है जब चारों तरफ हरी भरी हरियाली ही देखने को मिलती है। जिसे देखकर आंखों को बहुत सुकून मिलता है। मान्यता है कि हरे रंग के कपड़े या चूड़ियां पहनने से बुध ग्रह भी मजबूत होता है जिससे जीवन में खुशहाली आती है। इसके अलावा हरे रंग के कपड़े या चूड़ियां पहनने से भगवान शिव और विष्णु प्रसन्न होते हैं। वहीं हरा रंग पति-पत्नी के बीच अच्छे संबंध कायम करने में भी मददगार होता है।

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