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गिरफ्तार किए गए लोगों का संबंध प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से है। इस बारे में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्‍ध व्‍यक्ति दिल्‍ली से हाथरस की तरफ आ रहे हैं। इस पर पुलिस ने टोल प्‍लाजा मांट के पास संदिग्‍ध वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने स्विफ्ट डिजायर गाड़ी को रोका। कार सवार चारों युवकों से पूछताछ की गई तो उनका संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सहयोगी संगठन कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से होने की बात सामने आई।

गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान मुजफ्फरनगर के नगला का रहने वाला अतीकउर्ररहमान, मल्‍लपुरम का निवासी सिद़दीकी, रामपुर जिले की कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले आलम और बहराइच जिले के जरवल का निवासी मसूद अहमद के रूप में हुई है। वहीं हाथरस में साजिश रचने के आरोप में प्रदेश भर में कुल 21 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) के अनुसार हाथरस की घटना में जिले के विभिन्‍न थाना क्षेत्रों में छह मुकदमों के अलावा सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफार्मों पर आपत्तिजनक टिप्‍पणी को लेकर बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर, प्रयागराज, हाथरस, अयोध्‍या, लखनऊ आयुक्तालय में अब कुल 13 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। साथ ही दिल्‍ली से हाथरस की तरफ जा रहे चार संदिग्‍धों के खिलाफ निरोधात्‍मक कार्रवाई करते हुए उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया गया है। इन पर आरोप है कि ये लोग हाथरस के बहाने उत्‍तर प्रदेश में जातीय हिंसा कराने की साजिश में शामिल हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए युवकों के पास से मोबाइल, लैपटाप और शांति व्‍यवस्‍था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला संदिग्‍ध साहित्‍य भी बरामद हुआ है। बताते चलें कि पुलिस की तरफ से चंदपा थाने में रविवार को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें देश की एकता और अखंडता को बिगाड़ने (राजद्रोह) से लेकर विभिन्‍न समूहों के बीच जातीय संघर्ष को बढ़ावा देने जैसे कई गंभीर आरोपों की धारा शामिल है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार ने चंदपा थाने में दर्ज मुकदमों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में पोस्‍टरों, सोशल मीडिया पोस्‍ट से माहौल बिगाड़ने की साजिश चल रही।

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