मजदूर दिवस के इतिहास को जानने के लिए आपको 132 साल पुराने अतीत में जाना होगा, जब पूरी दुनिया की स्थिति आज से न जाने कितनी ही जुदा थी।

दरअसल 1877 में मजदूरों ने काम के लिए घंटे तय करने की मांग को लेकर आंदोलन करना शुरू कर दिया था। आहिस्ता-आहिस्ता इस आंदोलन का रूख पूरे विश्व में फैल गया। अपनी इस मांग को लेकर पूरे विश्व के मजदूर एकजुट हो गए।

एक मई 1886 को पूरे अमेरिका के लाखों मज़दूरों ने एक साथ हड़ताल शुरू की। इसमें 11,000 फ़ैक्टरियों के कम से कम तीन लाख अस्सी हज़ार मज़दूर शामिल हुए और वहीं से एक मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई… तो चलिए हम आपको 1 मई यानी की मजदूर दिवस से जु़ड़ी कुछ एतिहासिक तारीखों से आपको रूबरू कराते हैं।

1886: अमेरिका के शिकागो में कामगारों के लिए काम के घंटे तय करने को लेकर हड़ताल, मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत।

1897: स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।

1908: प्रफुल्ल चाकी ने मुजफ्फरपुर बम कांड को अंजाम देने के बाद खुद को गोली मारी।

1914: कार निर्माता फोर्ड वह पहली कंपनी बनी जिसने अपने कर्मचारियों के लिए आठ घंटे काम करने का नियम लागू किया।

1923: भारत में मई दिवस मनाने की शुरुआत।

1956: जोनसा साल्क द्वारा विकसित पोलियो वैक्सीन जनता के लिए उपलब्ध कराई गई। ॉ

1960: महाराष्ट्र और गुजरात अलग अलग राज्य बने।

1972: देश की कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण।

2009: स्वीडन ने समलैंगिक विवाह को मंजूरी दी।

2011: अमेरिका पर 2001 के हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मारे जाने की पुष्टि।

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