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उत्तर प्रदेश सरकार की और योजना में दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों ने सेंध लगा दी है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (National Family Benefit Scheme) से सरकारी अफसरों और दलालों के गठजोड़ ने सरकारी धन की बंदरबांट कर ली। 21 महिलाओं को 30 हजार रुपये के लिए विधवा बना दिया गया है। जबकि सच तो यह है कि इन सभी महिलाओं के पति जीवित है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना की उत्तर प्रदेश में सरकार ने शुरुआत की थी, जिसके तहत गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले वाले परिवार के मुखिया की अगर असामयिक मौत हो जाती है तो उसकी पत्नी को तीस हजार रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी।

अधिकारियों ने दलालों के साथ मिलकर विधवाओं को मिलने वाली सहायता राशि को हजम कर लिया। इस घोटाले को लेकर बलरामपुर, कानपुर, चित्रकूट और गोरखपुर से पहले ही शिकायतें आ चुकी हैं लेकिन अब ताजा मामला लखनऊ से आया है। जहां दो महिलाओं को विधवा साबित करके दो 30-30 हजार रुपए दलालों और अफसरों की टीमों के डकार लिए। लखनऊ में कुल 21 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमे महिलाओं के पति जीवित होने के बाद भी उन्हें विधवा साबित किया गया और उनके बैंक खाते में तीस हजार रुपए जमा कराए गए।

राजधानी लखनऊ (Lucknow) के सरोजनी नगर तहसील के बंथरा और चंद्रावल गांव में वर्ष 2019-20 और 20-21 में सरकार की इस योजना का लाभ 88 लोगों को मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 88 में 21 महिलाओं के पति जीवित है लेकिन उन्हें सरकारी योजना का लाभ मिला है। बताया जा रहा है कि फर्जी फर्जी भुगतान लाभार्थी महिला तीस हजार में से सिर्फ 10 से 15 हजार मिलता है। वहीं बाकी बचा हुआ रुपया दलाल और भ्रष्ट अफसरों की जेब में जाता है। लखनऊ से पहले सूबे के कई जिलों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमे जिला प्रशासन ने विभागीय कर्मचारियों को सस्पेंड भी किया।

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