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बिगड़ती अर्थवयवस्था के कारण सरकार का जोर अब बैंकों के विलय पर नहीं बल्कि उनके निजीकरण पर रहेगा। विनिवेश के अगले चरण में छह सरकारी बैंकों में बड़ी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। सरकारी कंपनियों सहित बैंकों को बेचने की तैयार कर रही है। इस सदर्भ में वित्त मंत्रालय ने अब कैबिनेट ड्रॉफ्ट भी तैयार कर लिया है। जल्द ही सरकारी कंपनियों सहित महज 5 बैंकों को छोड़कर सभी का निजीकरण कर दिया जाएगा। बता दें कि सीएनबीसी से मिली  जनाकारी के मुताबिक, सरकारी कंपनियों के निजीकरण में सरकारी इंश्योरेंस कंपनियां भी शामिल होंगी। LIC और एक नॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को छोड़कर बाकी सभी इंश्योरेंस कंपनियों में सरकार अपनी पूरी हिस्सेदारी किस्तों में बेच सकती है।

इसके साथ ही खबर है कि महज पांच बैंकों को छोड़कर सभी बैंकों को सरकार निजीकरण करने पर विचार कर रही है।  सूत्रों के मुताबिक, पहले चरण में  बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक में सरकारी हिस्सेदारी बेची जा सकती है। बताया जा रहा है कि पहले चरण में पांच सरकारी बैंकों का हिस्सा बिक सकता है। इसके बाद सबसे पहले Bank of Maharashtra, IOB में सरकारा हिस्सा बिक सकता है. Bank of India, Central Bank of India का भी निजीकरण किया जा सकता है। यहां पर गौर करन वाली बात यह है कि यह खबर ऐसे समय में आई है। जब देश की  अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के चलते चौपट हो चुकी है।

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