11

कल हुई बारिश से यहां लगभग 112 पेड़ धराशाई हो गए हैं। वहीं 6 इलाकों में घर गिरने की घटनाएं सामने आईं हैं। इनमें से तीन हादसे दक्षिण मुंबई में हुए। बता दें कि मरीन लाइंस में 101.4 किमी प्रति घंटे की रिकॉर्ड रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। हवा की रफ्तार का इतनी तेज थी कि गडवणे जंक्शन के पास एक ट्रैफिक पोल उखड़ गया। भीषण बारिश की वजह से गिरगांव चौपाटी, कोलाबा और भायकला जैसे इलाके भी डूब गए। ये वे इलाके हैं जिन्हें बाढ़ मुक्त माना जाता था। बीएमसी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मुंबई में बुधवार को औसत से तिगुनी बारिश हुई है।

मंबई में इतनी तेज हुई बारिश से हर कोई हैरान है। मरीन ड्राइव के विजय महल निवासी प्रशांत अग्रवाल बताते हैं कि उन्होंने 40 साल में पहली बार इस तरह की बारिश देखी है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों में इस क्षेत्र में कभी इतनी रफ्तार से हवाएं नहीं चली थीं। उन्होंने कहा कि इलाके में बाढ़ जैसे हालात भले ही न हों लेकिन डी रोड पर पेड़ उखड़ गए हैं। सिग्नल भी टूट गया है। मेरी दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं हैं।

वहीं मुंबई के कैंपस कॉर्नर के करीब रात लगभग 12 बजे अचानक से भूस्खलन हो गया। जिसके चलते सड़क पर भारी मात्रा में कीचड़, पत्थर और पेड़ गिर गए। अच्छा यह रहा कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दोनों तरफ की सड़कों को बंद कर मलबा हटाने की तैयारी चल रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here