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हिन्दू धर्म में एक मनुष्य के गर्भ में होने के समय से ही कई तरह के रीती रिवाज और संस्कार आरम्भ हो जाते और उसकी मृत्यु के बाद भी होते रहते है | ऐसे ही संस्कार और कर्मकांड में पितृपक्ष और श्राद्ध कर्म है | पितृपक्ष प्रत्येक वर्ष के भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि से लेकर अश्विनी माह की अमावस्या की तिथि तक मनाया जाता है | इस वर्ष ये पितृपक्ष 1 सितम्बर से आरम्भ हो रहा है और ये अगले 15 दिनों तक चलेगा | इस दौरान कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान आदि किये जाते है, ताकि पितरो की आत्मा को शांति मिल सकते | ऐसे में हम आपको कुछ वस्तुओ एक बारे में बताने जा रहे है, जिनका श्राद्ध में दान करना शुभ फल प्रदान करता है |
चांदी
शास्त्रों में चांदी के दान को पितरो की आत्मा की शांति के लिए उत्तम माना गया है | चांदी के दान से पितरो का आशीर्वाद मिलता है, जो जीवन में सुख शांति लाता है |
काले तिल
काले तिल का श्राद्ध पक्ष में बड़ा महत्व बताया गया है | काले तिल का पितृपक्ष में दान करना पुण्य प्रदान करता है | ऐसा भी कहा जाता है कि यदि आप किसी अन्य चीज का दान नहीं कर सकते, तो काले तिल का दान अवश्य करना चाहिए |
वस्त्र
पितृपक्ष में आप पितरो के निमित्त वस्त्रो का दान अवश्य करे | इससे आप पर पितरो का आशीर्वाद बना रहेगा |
छतरी 
यदि आप सुख शांति चाहते है, तो पितृपक्ष के दौरान आप छतरी का दान अवश्य करे | बताया जाता है कि पितृपक्ष में छतरी का दान करने से पितरो की आत्मा को शांति प्राप्त होती है |
जूते चप्पल
पितृपक्ष में आप जरूरतमंद लोगो को जूते चप्पल का दान अवश्य करे | इस दान को बेहद शुभ माना गया है, इससे पूर्वजो की आत्मा को शांति और हमे उनका आशीर्वाद मिलता है |
नमक और गुड़
शास्त्रों में बताया है कि पितृपक्ष में नमक और गुड़ का दान करना चाहिए | इनके दान से घर परिवार में सुख शांति आती है और गृह कलेश से मुक्ति मिलती है | इसके अलावा नमक के दान से यम के भय भी मुक्ति मिलती है |
भूमि
वैसे तो शास्त्रो में भूमि के दान को सबसे बड़ा और पुण्य का दान माना गया है | परन्तु ये हर किसी के लिए सम्भव नहीं होता है | परन्तु यदि कोई अपनी क्षमता के अनुसार भूदान करता है, तो उसे पुण्य की प्राप्ति होती है |

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