16

कंगना ने ट्वीट के जरिए से कहा, ”मेरे ऑफिस की ओपनिंग 15 जनवरी को हुई थी। इसके कुछ वक्त बाद कोरोना वायरस आ गया। कई लोगों की तरह मेरे पास भी उसी समय से काम नहीं था। ऑफिस को रिनोवेट करने के लिए मेरे पास पैसे नहीं है। मैं टूटे हुए ऑफिस से ही काम करूंगी। यह तबाह ऑफिस एक प्रतीक है कि एक महिला जो इस दुनिया में उठने का साहस करती है तो उसके साथ ऐसा होता है।’

कंगना ने गुरुवार को अपने ऑफिस पहुंची थीं और नुकसान का जायजा लिया। कुछ देर वो तक गाड़ी के अंदर से ही बाहर पसरे मलबे को एकटक देखती रहीं। इसके बाद वह गाड़ी से उतरकर ऑफिस के अंदर गईं। जिसके बाद वो ग्राउंड फ्लोर, फर्स्‍ट फ्लोर और सेकेंड फ्लोर पर गईं और टूट हुए मलबे को देखा। थोड़ी देर वहां रुकने के बाद कंगना बिना कुछ बोले घर चली गई थीं।

वहीं दूसरी तरफ, शिवसेना ने मुखपत्र ‘सामना’ के मराठी संस्करण के पहले पेज पर बीएमसी की इस कार्रवाई के बारे में खबर लिखी है। इस खबर की हेडलाइन दी है- ‘उखाड़ दिया।’ इस खबर में कंगना के ऑफिस पर चले बुल्डोजर के बारे में बताया गया है। इस खबर में कंगना रनौत द्वारा मुंबई की पीओके से तुलना का भी जिक्र किया गया है। ‘सामना’ की खबर में कंगना के ऑफिस पर कोर्ट की रोक के बारे में भी लिखा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here