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पुलिस की जांच में जब सच्चाई सामने आई तो महिला ने कहा कि उसने अपने प्रेमी के कहने पर परिजनों को झूठे केस में फंसाया था। पुलिस ने प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। वाकया लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली एक महिला ने 29 दिसंबर 2019 को एसपी से मिलकर अपने ही पिता और सगे चचेरे भाइयों पर शारीरिक शोषण और जबरन देह व्यापार कराने के आरोप लगाया था। उसने एसपी को बताया था की उसके पिता और भाई यह काम उससे लगभग तीन साल से करा रहे हैं।

महिला ने एसपी के सामने कहा था कि पिता और भाइयों ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया था और जब सात माह का गर्भ ठहर गया तो पिता ने जबरन उसकी शादी 19 अप्रैल 2019 को उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में कर दी। इसी बीच विवाह के मात्र 17 दिन बाद जब प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो उसे ससुरालवालों के सामने सच बताना पड़ा। इसके बाद ससुरालवालों ने उसे पास के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया जहां उसने एक बेटे को जन्म दिया।

महिला ने एसपी के सामने आरोप लगाया कि बेटे के जन्म के बाद जब उसके ससुराल वालों ने उसके मायके वालों को बुलाया तो उन लोगों ने जान से मारने की नियत से उसके ससुर पर हमला कर दिया। महिला की आपबीती सुनकर तत्कालीन एसपी रहे विक्रांतवीर ने पुलिस को इस मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिसके बाद 29 दिसंबर 2019 को महिला थाना पुलिस ने महिला की तहरीर पर उसके पिता दो सगे व चचरे भाइयों समेत 10 लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी, मारपीट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी,जो अब पूरी हुई।

डीएनए टेस्ट से सच्चाई आई सामने 

मामले का खुलासा करते हुए महिला थाने के एसओ इंद्रपाल सिंह सेंगर ने बताया कि शादी के दो साल पहले से महिला का संबंध बंथरा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले दिलीप से था, लेकिन इसी बीच महिला को गर्भ ठहर गया जिससे घरवालों ने उसकी शादी आनन-फानन में दूसरे युवक से करा दी। शादी के 17 दिन बाद ही बच्चे के जन्म लेने पर महिला ने अपना गुनाह को छिपाने के लिए प्रेमी के कहने पर सारा आरोप पिता और भाइयों पर मढ दिया। पुलिस के मुताबिक़ आरोपी दिलीप और महिला के परिवार के साथ बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया गया तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। बच्चा दिलीप का है। पुलिस ने दिलीप को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

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