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वाराणसी में एक रिक्शा चालक है नारायण, जिसने रिक्शा चलाकर अपने बेटे को पढ़ाया। नारायण पर महादेव की ऐसी कृपा बरसी की उसका बेटा आईएएस अफसर बन गया। पिता की मेहनत यहीं नहीं रूकी, इसके बाद उन्होंने अपनी बहू को भी एक ऊंचे पद पर लाकर बिठा दिया।

पिता की जी तोड़ मेहनत से बेटा तो आईएएस अधिकारी बन गया, कुछ सालों पर जब बेटे की शादी हुई तो उनकी बहू भी आईपीएस अधिकारी बन गई। लोगों का कहना है कि वाराणसी में हर किसी पर महादेव की कृपा होती है। ऐसे में नारायण की यह कहानी वाकई एक मिसाल है। नारायण की 3 बेटियां हैं और एक बेटा।

नारायण ने बताया कि एक किराए के मकान में रहकर जीवन का गुजारा रहे थे। नाराण के पास 35 रिक्शे थे, जिन्हें किराए पर चलवाता थे, सब ठीक चल रहा था। जीवन बहुत सही तरीके से चल रहा था कि अचानक परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी इंदु को ब्रेन हैमरेज हो गया, जिसके इलाज में काफी पैसे खर्च हो गए। इलाज कराने के लिए 20 से ज्यादा रिक्शे बेचने पड़े थे, लेकिन फिर भी वो नहीं बची। तब गोविंद सातवीं क्लास में थे। गरीबी का आलम ऐसा था कि मेरे परिवार को दोनों टाइम सूखी रोटी खाकर रातें काटना पड़ती थी।

बेटे के साथ बहु भी बन गई आईपीएस

रिक्शा चालक की मेहनत लाई रंग, बेटा बना Ias बहू को भी बनाया Ips

बेटियों की शादी करने के लिए बचे हुए रिक्शे भी बिक गए। सिर्फ एक बचा था, जिसे चलाकर मैं घर को चला रहा था। पैसे नहीं होते थे, तो गोविंद सेकंड हैंड बुक्स से पढ़ता था। आज के समय में नारायण का बेटा गोवा में पोस्टेड है और दुनिया में एक मिशाल पेश की है।

रिक्शा चालक की मेहनत लाई रंग, बेटा बना Ias बहू को भी बनाया Ips

यही नहीं नारायण के बेटे के साथ उनकी बहु भी एक आईपीएस अधिकारी हैं। नारायण की बहु चंदना बताती हैं, फक्र है ऐसे ससुर मिले जिन्होंने समाज में एक मिसाल कायम की है।

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