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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को आत्मनिर्भर (self-reliant) बनाने में शिक्षा,शोध और कौशल विकास के महत्व को लेकर बुधवार को देश को संबोधित कर रहे हैं। कार्यक्रम (Program) में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए देश के युवा को एक बहुत ही कीमती चीज की जरूरत पड़ेगी और वह कीमती चीज है आपका आत्मविश्वास। अगर युवाओं का आत्मविश्वास ढगमगाया तो आप आत्मनिर्भर नहीं बन सकते। आत्मविश्वास भारत को आत्मनिर्भर बनाने में एक नीव का काम करेगी। मजबूत घर बनाने के लिए भी हमें मजबूत नीव की जरूरत होती है।

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शिक्षा और कौशल के ज्ञान से आता है आत्मविश्वास

पीएम मोदी ने कहा कि आत्मविश्वास के लिए कही जाने की जरूरत नहीं है। यह आपको शिक्षा और अपने कौशल से ही जुड़ा हुआ होता है। जहां से आप इसे आसानी से पा सकते है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आने वाली नई शिक्षा प्रणाली को इसी आधार पर विकसित की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आज का ये मंथन ऐसे समय में हो रहा है, जब देश अपने निजी, बुद्धिजीवी, औद्योगिक स्वभाव और प्रतिभा को दिशा देने वाले पूरे इकोसिस्टम को बदलने की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है।

हैकेथन्स की नई परंपरा बनेगी देश की ताकत

कार्यक्रम मे जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि पहली बार देश के स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स से लेकर उच्च संस्थानों में अटल इन्क्यूबेशन संस्थानों तक पर फोकस किया जा रहा है। देश में बिजनेस क के लिए हैकेथन्स की नई परंपरा देश में बन चुकी है, जिससे देश के युवा और इंडस्ट्री, दोनों को ही एक बड़ी ताकत मिलेगी। जो देश को एक अच्छे मुकाम तक लेकर जाएगी।

50,000 करोड़ रुपये की है यह नई योजना

प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन में कहा कि ये राष्ट्र के लिए अन्याय था कि शिक्षा और शोध को सीमित में रखा जाए। साथ ही कहा कि हम देश में पहली बार पांच हजार करोड़ रुपये की लागत से नेशनल रिसर्च फाउंडेशन को विकसित किया जा रहा है। इस विचारधारा के साथ हम कृषि, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और डीआरडीओ को युवाओं के लिए खोल रहे हैं, जो नई क्षमताओं से भरपूर हैं।

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