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कहते हैं माता कुमाता नहीं होती, लेकिन यह खबर कुछ और ही कहती है… यह माता कुमाता है! खबर छत्तीसगढ़ के धमतरी सी है, जहां एक डेढ़ माह की मासूम ने दूध का इंतजार करते-करते दम तोड़ दिया। हालात ये थे कि उसकी मां रात को शराब पीकर नशे में इस कदर चूर थी कि उसे अपनी बच्ची की चीख तक सुनाई नहीं दी। मासूम बच्ची दूध के लिए बिलखती रही और रोती रही, लेकिन मां का नशा नहीं टूटा। आखिरकार दूध के इंतजार में बच्ची ने सुबह होते-होते दम तोड़ दिया।

बच्ची की चीखें खामोशी में बदल गई। वही जब इस मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने बताया कि बच्चे की मौत भूख की वजह से हुई है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में लगे सुंदरगज में रहने वाली एक शराबी मां से जुड़ा है। मां का नाम है राजनीत कौर है और वह गुजर-बसर करने के लिए मजदूरी का काम करती हैं। उसका पति हरमीत मोटर मकैनिक का काम करता है। खबरों की माने तो एक दिन पहले ही वह ट्रक ठीक करने के काम से जगदलपुर गया था। वहीं घर में मां के होते हुए बच्ची ने दूध के इंतजार में दम तोड़ दिया।

शराब के नशे में चूर थी मां

लोगों का कहना है कि राजमीत हर दिन शराब पीती है। शुक्रवार की शाम भी शराब के नशे में चूर थी। इस दौरान उसने ज्यादा शराब पी ली थी। वह इस कदर बेसुध थी कि अपनी बच्ची की चीख-पुकार नहीं सुनी। ऐसे में रात भर रो-रो कर बदहवास हो चुकी डेढ़ माह की बच्ची ने दम तोड़ दिया। पड़ोसियों का कहना है कि सुबह 6:00 बजे जब वहां पहुंचे तो उन्होंने इस पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी।

मासूम की किसी को नहीं परवाह

मौके पर पहुंची पुलिस का कहना है कि जब बच्ची की मौत के बारे में राजमीत को पता चला तो भी उस पर कोई असर नहीं हुआ। वह लड़खड़ाते कदमों के साथ उठी और एक बार फिर से शराब की बोतल उठा कर पीना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने इतनी शराब पी कि वह एक बार फिर से सो गई। एक कोने में डेढ़ माह की बच्ची की लाश पड़ी थी तो दूसरे कोने में राजमीत नशे में बेसुध सो रही थी।

वहीं पुलिस ने जब इस बात की जानकारी बच्ची के पिता को दी तो हरमीत शनिवार शाम जगदलपुर से घर लौटा, लेकिन हद तो यह थी कि वह भी नशे में चूर था। उसे भी बच्ची की मौत का जरा भी गम नहीं था। वहीं पुलिस ने यह मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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