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कोरोना महामारी से बिगड़ते हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा महामारी के खिलाफ देश बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा बीमारी से बचने के साथ ही हमें आर्थिक गतिविधियों को भी जारी रखना है और लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के तौर पर रखा जाये। पीएम ने राज्य सरकारों से माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर अधिक से अधिक ध्यान देने की भी अपील की है।

कोविड-19 के विकराल होते रूप के बीच पीएम ने यह अपील तब की जब महाराष्ट्र, दिल्ली समेत कई राज्यों में लॉकडाउन जैसी सख्त पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं। देश में कोरोना के बिगड़ते हालात को देखकर अदालतें भी चिंता जाहिर रही हैं। मालूम हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी गत सोमवार को उत्तर प्रदेश के पांच बड़े शहरों में लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अंतरिम रोक लगा दी है।

धैर्य रखें

देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘अब तक हमने धैर्य और अनुशासन के साथ कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। आगे भी हमें अपना धैर्य नहीं खोना है। उन्होंने भरोसा जताया कि हम सभी मिलकर इस महामारी के खिलाफ लड़ाई फिर जीतेंगे। मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस की पहली लहर में हालात अलग थे। हमारे पास संसाधनों की कमी थी लेकिन अब हम पहले से ज्यादा तैयार हैं। हमारे पास कोरोना केसों की जांच के लिए लैब का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। उन्होंने कहा ‘ हम लगातार टेस्टिंग की क्षमता में बढ़ोतरी कर रहे हैं, फार्मा सेक्टर कोरोना से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए लगातार काम कर रहा है।

सरकार हर संभव कोशिश लोगों की जान बचाना है। उन्होंने कहा एक मई के बाद 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगने लगेगी। सरकारी अस्पतालों में यह वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है। पीएम ने लॉकडाउन के डर से घरों को लौटने वाले कामगारों को आश्वासन देते हुए कहा कि जो जहां हैं वहीं बने रहें। किसी को कोई तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। किसी की नौकरी को कोई खतरा नहीं होगा। कारोबार भी जारी रहेंगे और महामारी से सुरक्षा के उपाय भी किए जाएंगे।

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