11

कोरोना काल में तमाम तरह के संकट के बीच बढ़ती महंगाई ने लोगों को बेहाल कर रखा है। डीजल-पेट्रोल के कीमतें बढ़ने से खाद्य पदार्थ महंगे होती चले गए। इससे रसोई का बजट गड़बड़ा गया। कोरोना काल में लगे क‌र्फ्यू की वजह से महंगाई का मुख्य कारण बाहर से खाद्य पदार्थो की आवक का कम होना माना जा रहा था। अनलाक के बाद पाबंदियों में राहत मिली, जिसका असर दिखना शुरू हो गया है।

कम होनी शुरू हो गई दाल की कीमत

दाल की कीमतों में आई गिरावट से लोगों को कुछ राहत मिली है। वर्तमान में सभी दालों की कीमत 100 रुपये के अंदर हो गई है। गत 15 दिन में दालों की कीमत में 10 से 15 रुपये प्रतिकिलो गिरावट आई है। हालांकि जिले में विभिन्न तहसीलों में दालों की कीमतों में 5 रुपये प्रतिकिलो तक का अंतर देखने को मिला है लेकिन, थोक बाजारों में दालों की कीमत स्थिर है। सभी तरह की दालें हुईं सस्ती

अभी तक अरहर और मूंग दाल की कीमत सबसे ऊपर थी, लेकिन अब अरहर, उदड़, मसूर, चने, मूंग समेत अन्य दालों में प्रतिकिलो दस से 15 रुपये तक की कमी आई है। इन्हीं दालों में से कुछ दालें तकरीबन तीन माह 100 के पार थीं।

अब इतने में बिक रही हैं दालें

सहसवान में अरहर दाल की कीमत 85 रुपये प्रतिकिलो, उदड़ 80, मसूर 85, काबुली चना (छोले) 75 और राजमा 100 रुपये प्रतिकिलो से हिसाब से बिक रहा है, तो वहीं, बिसौली में अरहर दाल 80, उदड़ 80, मूंग 80, राजमा 100, छोले 75 और मसूर दाल 85 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। इधर, थोक दाल व्यापारी राकेश महेश्वरी ने बताया, पिछले एक महीने से दालों की कीमतों में गिरावट आ रही है। 15 दिन के अंतराल में दालें 10 से 15 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से कीमत कम हो गई है।

दाल 15 दिन पहले अब

अरहर 95 80

उड़द 80 70

मसूर 90 85

मूंग 100 85

चना दाल 80 70

काला चना 80 70

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here