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26 अगस्त यानी आज मोदी सरकार 38 करोड़ श्रमिको के लिए रोजगार लेकर आ रही है। सरकार द्वारा बनायी गई योजना के तहत ई-श्रम पोर्टल की शुरूआत करेगी। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की तरफ से की गई इस पहल का लाभ बहुतों को मिलने वाला है। इसमें निर्माण मजदूरों के अलावा प्रवासी श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले और घरेलू कामगार शामिल हैं।

टोल फ्री नंबर और कार्ड भी जारी: यही नहीं सरकार और अधिक मदद के रूप में श्रमिकों का एक राष्ट्रीय टोल फ्री नंबर 14434 भी शुरू किया जाएगा। इसके जरिए आप ई-श्रम पोर्टल का रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इस शुरूआत के तहत श्रमिकों को एक ई-श्रम कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें 12 अंकों का यूनिक नंबर होगा। ई-श्रम कार्ड से देश के करोड़ों असंगठित कामगारों को उनकी अपनी नई पहचान मिलेगी। यह ई-श्रम कार्ड पूरे देश में मान्य होगा।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुताबिक सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का डाटाबेस तैयार करने के लिए ये निर्णय लिया गया है। ऐसा करने की सरकार की बस एक वजह है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एकीकरण किया जा सके। श्रमिकों का विवरण राज्य सरकारों और विभागों द्वारा भी शेयर किया जाएगा। बता दें कि मंगलवार को श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने ई-श्रम पोर्टल का लोगो भी जारी कर दिया गया है।

क्यों थी जरूरत: आपको बता दें कि पिछले वर्ष कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगने के बाद ज्यादा से ज्यादा संख्या में वर्कर्स अपने-अपने घर वासप आ गए थे। लोगों की जॉब खतरें में आ गई थी। उन्हें ना चाहते हुए भी यह फैसला लेना पड़ा। इसी घटनाक्रम के बाद डेटाबेस तैयार करने पर बल दिया गया। हालांकि, डेटाबेस तैयार करने में भी काफी देरी हुई है। कोरोना की दूसरी लहर में भी ये कमियां देखने को मिली थीं। इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जितनी जल्दी हो सके डेटाबेस रेडी करने का आदेश दिया है। जिससे मजदूरों को समाजिक कल्याण या अन्य जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके।

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