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इसको संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में प्रदर्शन के लिए रखा गया था. सोथबी के ऑक्शन हाउस ज्वेैलरी स्पेशलिस्ट सोफी स्टीवंस (Sophie Stevens) के हिसाब से,ऐसा माना जाता है कि ये हीरा तब बनाया गया था जब एक उल्कापिंड या क्षुद्रग्रह 2.6 अरब साल पहले पृथ्वी से टकरा गए थे.

अरबों साल पहले पृथ्वी से टकराई थी ये चीज

एक बयान में सोथबी ने बोला है कि, ‘इस आकार का एक प्राकृतिक पहलू वाला काला हीरा होना एक अत्यंत दुर्लभ घटना है और इसकी उत्पत्ति रहस्य में डूबी हुई है. ऐसा माना जाता है कि यह या तो उल्कापिंड के इम्पैक्ट से बनाई गई है या वास्तव में हीरे वाले क्षुद्रग्रह से निकली है जो पृथ्वी से टकराई थी.’ यह एक कट डायमंड सबसे मुश्किल पदार्थों में से एक ही है, क्योंकि 555.55 कैरेट डायमंड को बीते 20 सालों से इसका कोई मालिक भी नहीं है. अब इसे विशेषज्ञों ने 55-फेस ज्वेल में बदल दिया है.

शो के बाद ले जाया जाएगा लॉस एंजिल्स और लंदन

इसका आकार मिडिल ईस्ट पाम-शेप्ड सिंबल हम्सा से प्रेरित हुआ है, जो कि इस शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. यह हीरा पांच नंबर से भी जुड़ा हुआ है. सबसे बड़े कट डायमंड में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड रखने वाले द ज्वेल स्टीवंस ने भी इस बारे में बताया कि, ‘यह बेहद ही अलग है.’ बता दें कि दुबई में शो के बाद ‘इनिग्मा’ को लॉस एंजिल्स और लंदन भी ले जाया जाएगा, इससे पहले कि तीन फरवरी से सात दिन की ऑनलाइन नीलामी शुरू हो.

क्रिप्टोकरेंसी में भी बेचा जा सकता है हीरा

हीरे के बारे में स्टीवंस ने कहा कि सोथबी ने जिसे ब्रह्मांडीय आश्चर्य कहा है, वह बिटकॉइन बोली लगाने वाले के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है. उन्होंने बोला है कि, ‘हम हीरे के लिए क्रिप्टोकरेंसी स्वीकार कर रहे हैं, जो हमने अन्य महत्वपूर्ण स्टोन्स के लिए किया है.’ बीते साल हांगकांग में, ‘Key 10138’ हीरा 12.3 मिलियन डॉलर में ये बिका है, इसका भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में किया गया था.

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