अपनी ढलती उम्र के बाद बुजुर्ग दंपत्ति ने अपनी विधवा बहू के हाथों में मेहंदी लगाने के बारे में विचार किया है। दरअसल, काटजू नगर निवासी 65 साल की सरला जैन के बेटे मोहित जैन का आष्टा निवासी सोनम के साथ 6 साल पहले विवाह हुआ था, लेकिन शादी के 3 साल बाद ही कैंसर के गिरफ्त में आ गए। इस दौरान सोनम ने मोहित की पूरी सेवा की, मगर अफसोस मोहित जिंदगी की जंग हार गए। उसके बाद भी सास ससूर ने अपनी बहू को रहने दिया।

इसके बाद सोनम की सास-ससूर ने उसके पुनर्विवाह का प्रस्ताव रखा, जिस पर सोनम समेत उसका पूरा परिवार राजी हो गया। इलके बाद सौरभ जैन नामक शख्स के साथ उसकी शादी तय हो गई। परिजनों को नागदा जा कर शादी करनी थी, होटल भी बुक हो गया था लेकिन लॉकडाउन होने से जब दिक्कतें आती दिखीं तो मोहित के मामा ललित कांठेड़ ने प्रशासन से बात की और अपने ही घर पर ही बहू सोनम की बेटी की तरह शादी करा दी गई।

इस शादी को लेकर एक तरफ जहां पूरे परिवार में खुशी का आलम था तो वहीं दूसरी तरफ माहौल कमोबेश गमगनी भी था। सभी की जबां पर महज इसी चर्चा का बसेरा था कि आज से 6 साल पहले जिसको डोली में बैठाकर बहू बनाकर लाए थे आज उसे ही बेटी के रूप में यहां से विदा कर रहे हैं। वहीं शादी के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का खास ख्याल रखा गया।

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