महामारी को रोकने के लिए सरकार हर स्तर पर मुस्तैद है. इसके साथ ही सरकार हर उस स्तर पर मंथन कर रही है, जिससे किसी को कोई परेशानी न हो. ऐसे में अब सरकार ने इस पर भी विचार किया है कि यदि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या से अस्पताल में किसी तरह से जगह को लेकर कोई किल्लत होती है तो उसके लिए अब अस्पताल बनी ट्रेन के कोच में ही मरीज रखे जाएंगे.

बता दें कि सभी 20 कोच को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है. इतना ही नहीं इसमें कोरोना मरीजों के इलाज की सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं. वैसे तो एक कोच में यात्रियों के लिए 72 सीट रहती है, लेकिन, आइसोलेशन वार्ड में तब्दील इस कोच में बीच की सीट को निकाल कर बेड बना दिया गया है. साथ ही खिड़कियों पर जाली लगा दी गई है. सीट के पास पर्दे लगाए गए हैं. खास बात तो ये है कि इसमें जीवन रक्षक उपकरण, दवाएं समेत अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध है.

इस बारे में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए आरपीएफ़ इंस्पेक्टर नरेंद्र यादव ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में तब्दील 20 कोच वाली ट्रेन बस्ती स्टेशन पर आ गई है. प्लेटफार्म संख्या तीन पर खड़ी है. लेकिन अभी तक कोई गाइड लाइन नही मिली है. हालांकि एक वार्ड के तौर पर ट्रेन पूरी तरह से तैयार है.

आपको बता दें कि इस समय पूरा देश कोरोना महामारी के इस भयावह समय से गुजर रहा है. हर राज्य और शहर में यही कोशिश की जा रही है कि जितनी जल्दी हो सके, इस कोरोना को मात दिया जाए. यही कारण है कि अभी तक देशभर में लॉकडाउन जारी है.

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