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लखनऊ के हसनगंज थाना क्षेत्र स्थित रैदास मंदिर क्रासिंग का है। जहां बुधवार सुबह 11 बजे सचिवालय में संविदाकर्मी के पद पर काम करने वाला 26 वर्षीय विशाल सैनी ने गलत आरोप लगने के कारण तेजी से आ रही ट्रेन  के सामने कूदकर आत्महत्या कर मिनटों में अपनी जान की बाजी लगा दी। कुछ ही देर में वहां हादसे के बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। मृतक विशाल सैनी ने आईपीएस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही उसने महिला अधिकारी को सजा दिलाने की भी मांग करी है। मृतक के शव के पास मिले सुसाइड नोट पर मृतक द्वारा लगाए गए आरोप को पुलिस कमिश्नर ने बेवजह झूठे बताए है।

बताया जा रहा है कि विशाल सैनी का कहना था कि आईपीएस अधिकारी प्राची सिंह ने उस मामले पर उसे जेल भेजने को कहा, जो उसने किए ही नहीं। उसे गलत सैक्स रैकेट केस में फसाया जा रहा है।

मानसिक रूप से परेशान था युवक

कुछ दिन पहले 13 फरवरी को आईपीएस प्राची सिंह ने इंदिरा नगर में स्टाइल इन दी ब्यूटी सैलनू और स्पा सेंटर पर छापेमारी की थी, इस दौरान 5 महिलाओं को हिरासत में लिया गया था, उनके साथ पकड़े गए मृतक विशाल को भी जेल भेज दिया गया था। जेल से छूटने के बाद विशाल मानसिक रूप से परेशान था। ऐसा लग रहा था जैसे कि उसके साथ नांइसाफी हुई हो। मृतक विशाल सैनी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा, ‘वह आत्महत्या कर रहा है, जिसके लिए जिम्मेदार आईपीएस प्राची सिंह है, जिन्होंने उसका करिअर खराब कर दिया है और इस कदर कि मैं समाज में और परिवार में नजरें नहीं उठा पा रहा है, साथ ही वह खुद से भी नजरें नहीं मिला पा रहा था। अंदर ही अंदर घुटने लगा था। जिसके कारण उसने जिंदगी को खत्म करना ही सही समझा। उसने नोट में यह भी लिखा था कि किसी निर्दोष को जेल न भेजा जाए।

पलिस अधिकारी ने आरोपो को बताया गलत
आरोपो के गलत ठहराते हुए एडीसीपी नार्थ प्राची सिंह ने सफाई देते हुए मृतक विशाल सैनी की ओर से अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि मैं अपनी ड्यूटी कर रही थी, मेरे निर्देशन में छापेमारी हुई थी। मुझे उसकी मौत का बहुत दुख है उसे यह कदम नहीं उठाना चाहिए। मझे नहीं पता उसने आत्महत्या क्यों की।

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