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ारत सरकार ने एसेट मोनेटाइजेन के लिए नीति आयोग को एक रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौपी थी। नीति आयोग ने बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर वाले मंत्रालयों के साथ विचार विमर्श कर संपत्तियों की लिस्ट बनाने का काम किया है जहां एसेट मोनेटाइजेशन की संभावना है। ये सेक्टर रेलव, सड़क परिवहन और हाईवे, जहाजरानी, टेलिकॉम, बिजली, नागरिक उड्डयन, पेट्रोलियम और नैचुरल गैस, युवा मामले और खेल हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को 6 लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय मौद्रीकरण योजना (एनएमपी) की शुरुआत की। इसके तहत यात्री ट्रेनों, रेलवे स्टेशनों से लेकर हवाई अड्डों, सड़कों और स्टेडियमों का मौद्रीकरण शामिल है। बनायी गई लिस्ट में निजी कंपनियों को शामिल करते हुए संसाधन इकट्ठा किए जायेंगे और संपत्तियों का विकास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अगर आपको लगता है कि सरकार कुछ बेच रही है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये मौजूदा संपत्तियां हैं, जिनपर सरकार का स्वामित्व बना रहेगा।

निजी कंपनियां इन्विट मार्ग का इस्तेमाल करके एक निश्चित मुनाफे के लिए परियोजनाओं में इनवेस्ट कर सकती हैं। वे इन परिसंपत्तियों को सरकारी एजेंसी को वापस करने से पहले एक निश्चित अवधि के लिए परिसंपत्तियों का संचालन और विकास कर सकती हैं। इसके तहत गोदाम और स्टेडियम जैसी कुछ संपत्तियां भी संचालन के लिए लंबे समय के पट्टे पर दी जा सकती हैं।

बिजली : 28,608 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनों के मौद्रीकरण से ~45,200 करोड़ का अनुमान है। छह गीगावाट की विद्युत उत्पादन संपत्तियों से आयेंगे 39,832 करोड़ रुपये।

दूरसंचार: भारतनेट फाइबर के 2.86 लाख किमी और बीएसएनएल एवं एमटीएनएल के 14,917 सिग्नल टावरों के मौद्रीकरण से 35,100 करोड़।

गोदाम व कोयला खदान : मौद्रीकरण से 29,000 करोड़।

प्राकृतिक गैस पाइपलाइन : 8,154 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन से 24,462 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।

उत्पाद पाइपलाइन : 3,930 किलोमीटर के पाइपलाइन के मौद्रीकरण से 22,504 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।

बंदरगाह : इससे 12,828 करोड़ रुपये आने की संभावना।

कोंकण रेलवे भी शामिल : 400 रेलवे स्टेशनों, 90 यात्री ट्रेनों, 741 किलोमीटर लंबे कोंकण रेलवे और 15 रेलवे स्टेडियमों और कॉलोनियों का मौद्रीकरण करने का प्लान है। निजी भागीदारी से इनका विकास होगा।

25 हवाई अड्डों से 20,782 करोड़ मिलने का अनुमान : चेन्नई, भोपाल, वाराणसी एंव वडोदरा सहित भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के करीब 25 हवाई अड्डे चिन्हित किये गये हैं। हवाई अड्डों के मौद्रीकरण से 20,782 करोड़ रुपये आयेंगे।

सबसे अधिक 1.6 लाख करोड़ रुपये सड़कों से आयेंगे : मौद्रीकरण योजना के तहत 1.6 लाख करोड़ रुपये का सबसे बड़ा हिस्सा चालू राष्ट्रीय राजमार्गों और नयी सड़कों के 26,700 किलोमीटर के मौद्रीकरण से आयेगा। इनमें से कुछ संपत्तियों के मौद्रीकरण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इन्विट का रास्ता अपनायेगा।

दो राष्ट्रीय स्टेडियम सहित 240 एकड़ भूमि भी शामिल: जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम सहित दो राष्ट्रीय स्टेडियम और बेंगलुरू एवं जीरकपुर स्थित दो क्षेत्रीय केंद्रों से 11,450 करोड़ मिलने का अनुमान है। दिल्ली में सरोजिनी नगर सहित सात कॉलोनियों के पुनर्विकास और घिटोरनी में 240 एकड़ भूमि के विकास से 15,000 करोड़ का आकलन है।

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