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बीजेपी किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा देश की आजादी से पूर्व स्वतंत्रता हुए उत्तर प्रदेश के बलिया, पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर और महाराष्ट्र के सतारा जिलों के 75-75 गावों को आत्मनिर्भर बनाएगी। बीजेपी किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया है कि इस मुद्दे पर बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। बीजेपी सांसद ने कहा है कि तीनों जिलों के 75-75 गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्र सरकार ने संसदीय बोर्ड के विमर्श पर अपनी सहमति जताई है।

चयनित गांवों में विकसित और आर्गेनिक खेती, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, चिकित्सा, बिजली, सुरक्षा और पेयजल और सभी के लिए रोजगार के मौके सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। इन सभी योजनाओं का क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा धन उपलब्ध कराई जाएगी। इन योजनाओं की सफलता के बाद उन तीनों जिलों के सभी गांवों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश सरकार द्वारा की जाएगी।

वीरेंद्र सिंह मस्त ने बताया है कि पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राज्यसभा के सभापति (उप राष्ट्रपति) वेंकैया नायडू, लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने प्रस्ताव में विशेष रुचि दिखाई है। गौरतलब है कि बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने 16 अगस्त को भदोही जनपद के 75 गांवों को आत्मनिर्भर भारत और स्वावलंबी भारत बनाने के लिए काम करने का ऐलान किया था।

बीजेपी किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जमुनीपुर स्थित स्वदेशी आश्रम में कहा था कि देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर जश्न मना रहा है। हम सबको उन वीर शहीदों की कुर्बानियों को इस दौरान भी याद करते रहना होगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां उन्हें कभी भुला न पाए। बीजेपी सांसद ने कहा था कि इतिहास भदोही के गौरव से भरा पड़ा है। नील आंदोलन की शुरुआत 1857 आजादी के लिए भदोही से हुई थी। अंग्रेजों ने इमली के पेड़ पर भदोही के 22 वीर सपूतों को फांसी दी थी।

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